Sunday, August 29, 2010

Feather

Thanks for cutting my feather, atleast you make me realize that i can fly!!!!!!!! rock on !!!!! Move on !!!!!

Tuesday, June 15, 2010

poem vs lori

When mummy sung a lori!!!!
It's poem for her, but Lori for me....

When i sung my first poem in 2nd class infront of the class
it's poem for me, and Lori for mummy!!!!

I grew and wrote a poem book which got published
With the thought of a poet i went to mummy

She look at me innocently, and proudly told her friend
He is a poet !!!! He can write about any thing

I look in her deep eyes, and say No!!!!
i still don't know the art of writing "LORI" ????

She Replied quickly ,Dont' get confuse into Lori and Poem
What ever you write is a LORI for me I just smiled bcoz i knw i can not be a dedicated poet like my mummy!!!!!!!

Friday, May 28, 2010

मस्ती हैं , सरगोशी हैं .....

उफ़ और काश के परे कभी ज़िन्दगी को दस्तक हैं !!!

पता नहीं की आँखों में सपने हैं या हैं ये नींद में हलचल

perhaps this is the new शहर इन्द्रप्रस्थ ......

पर बात सही है उड़ाती खिल्ली ..... साड्डी दिल्ली !!!!

किस्से

गप्पे हांके हुए सदियाँ बीत गयी ,
बतियातें हुए मानो अरसा हो गया ।
लम्हा लम्हा , करते हुए यूँ घंटे गुजर गए
जेब में यादो के झरोके में देखा
किस्सा अपनी कहानी बयां करने को तड़प रह था....

यादों के झरोके से एक किस्सा फिर निकला
अदाकार

यूँ तो बहुत से अंदाज़ हैं।
कहने को, सबके अपने मिजाज़ हैं
ग़ज़लों की दुनिया में मोहब्त के शेर घुमते हैं !!! हा हा
और शेर वालें अक्सर नज़म वालियों पर निगाहें दो चार करते हैं!!
ये न कहना की इन नज्मों ने कभी दोहों पर डोरे नहीं डालें ।
वो थोड़े शर्मीले थे, हकला से गएँ,
उनकी आंखें थोड़ी गहरी थी उसमे मियां बस डूब ही गए


यूँ दिल सभी का धड़कता है
कोने में एक बच्चा थोडा छिपता छिपाता हैं
गर गुलज़ार कहते हैं दिल तो बच्चा हैं
तो ओ माय गोड व्हाट अ लाइन
हमने सीधे लिख दिया तो बोले
ये शायरी में कंगाली का दौर हैं !! हा हा

ग़ालिब ,मीर, दुष्यंत, अमृता , और गुलज़ार बड़े नाम हैं
अपनी छोटी दुकान छोटा पकवान हैं
कोशिश जारी हैं लिखने की
थोडा हुज़ूर गौर फरमाएं
क्योंकिं
आखिर हर लिखने वाला ... छोटा ही सही एक अदाकार हैं !!!!