skip to main |
skip to sidebar
मस्ती हैं , सरगोशी हैं .....
उफ़ और काश के परे कभी ज़िन्दगी को दस्तक हैं !!!
पता नहीं की आँखों में सपने हैं या हैं ये नींद में हलचल
perhaps this is the new शहर इन्द्रप्रस्थ ......
पर बात सही है उड़ाती खिल्ली ..... साड्डी दिल्ली !!!!
No comments:
Post a Comment